किसान सम्मान निधि की आसान जानकारी
PM Kisan: स्टेटस, किस्त, eKYC और हर समस्या का हल — सरल हिंदी में
पीएम किसान सम्मान निधि में पैसा आया या नहीं, अगली किस्त कब आएगी, eKYC कैसे होगा और किस्त रुकी तो क्या करें — यहाँ हर काम का तरीका चरण-दर-चरण, चित्र और मुफ़्त टूल के साथ मिलेगा।

आज आपको कौन-सा काम करना है?
नीचे अपना काम ढूँढिए और उसी लिंक पर जाइए। हर लेख में पूरा तरीका, चित्र, आम गलतियाँ और उनका हल लिखा है। असली आवेदन, eKYC और स्टेटस का काम हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर ही होता है — हम बस रास्ता आसान करते हैं।
- PM Kisan स्टेटस चेक — पैसा आया या नहीं, रजिस्ट्रेशन नंबर और OTP से 2 मिनट में देखें।
- 24वीं किस्त कब आएगी — अगली किस्त की आधिकारिक स्थिति और पिछली किस्तों की तारीखें।
- eKYC कैसे करें — OTP, चेहरा स्कैन और CSC, तीनों तरीके आसान भाषा में।
- गाँव की लाभार्थी सूची — राज्य से गाँव तक चुनकर अपना नाम खोजें।
- नया रजिस्ट्रेशन — पहली बार आवेदन करने वाले किसान यहाँ से शुरू करें।
- पैसा नहीं आया? — किस्त रुकने के 9 आम कारण और हर कारण का हल।
- कौन ले सकता है — पात्रता और अपात्रता के नियम, 1 मिनट वाले टूल के साथ।
- हेल्पलाइन और शिकायत — 155261, टोल-फ्री नंबर और ऑनलाइन शिकायत का तरीका।
PM Kisan की पूरी बात, आसान भाषा में
गाँव में अक्सर एक ही सवाल सुनने को मिलता है — “PM Kisan का पैसा आया या नहीं?” किसी के खाते में ₹2,000 आ जाते हैं, किसी के नहीं आते। और जिसके नहीं आते, वह कभी CSC के चक्कर लगाता है, कभी बैंक के, कभी तहसील के।
असल में ज़्यादातर मामलों में वजह बहुत छोटी होती है। कहीं eKYC अधूरा है, कहीं बैंक खाता आधार से नहीं जुड़ा, तो कहीं ज़मीन का रिकॉर्ड पोर्टल से नहीं जुड़ा। एक बार वजह समझ आ जाए, तो काम आधा हो जाता है।
पहले PM Kisan का काम सीधा था — आवेदन किया और पैसा आने लगा। अब सरकार ने गलत लाभार्थियों को हटाने के लिए कई जाँच जोड़ दी हैं: eKYC, Land Seeding, आधार-बैंक सीडिंग, और कई राज्यों में Farmer ID। ये नियम ईमानदार किसानों के लिए भी ज़रूरी हैं।
इस वेबसाइट पर हमने हर काम को छोटे-छोटे स्टेप में लिखा है। जहाँ ज़रूरत है, वहाँ चित्र और मुफ़्त टूल भी दिए हैं, ताकि आप मोबाइल पर खुद समझ सकें कि आपकी किस्त कहाँ अटकी है और उसे कैसे ठीक करना है।
नोट- यह एक स्वतंत्र जानकारी वाली वेबसाइट है। आवेदन, eKYC और स्टेटस का असली काम सिर्फ pmkisan.gov.in पर होता है। हम कभी आधार, OTP या बैंक की जानकारी नहीं माँगते।
PM Kisan का सफ़र: 2019 से अब तक
PM Kisan की शुरुआत 24 फ़रवरी 2019 को हुई थी। पहली किस्त दिसंबर 2018 से मार्च 2019 वाली अवधि की थी। उस समय योजना सिर्फ 2 हेक्टेयर तक ज़मीन वाले छोटे किसानों के लिए थी। कुछ ही महीनों में सरकार ने यह सीमा हटा दी और सभी ज़मीन वाले किसान परिवार इसमें आ गए।
शुरुआत में बस आवेदन होता था और पैसा आने लगता था। बाद में पता चला कि बहुत से अपात्र लोग भी पैसा ले रहे हैं — टैक्स भरने वाले, सरकारी कर्मचारी, यहाँ तक कि गुज़र चुके किसानों के नाम पर भी। इसलिए सरकार ने एक-एक करके जाँच बढ़ाई।
पहले आधार अनिवार्य हुआ, फिर eKYC, फिर Land Seeding और आधार से जुड़े बैंक खाते में ही भुगतान। 2023 में मोबाइल ऐप में चेहरे से eKYC आया, और उसी साल Kisan-eMitra चैटबॉट भी शुरू हुआ। अब कई राज्यों में Farmer ID भी माँगी जा रही है।
आज हालत यह है कि हर किस्त में 9 करोड़ से ज़्यादा किसानों को पैसा जाता है। 23 किस्तों में ₹4.46 लाख करोड़ से ज़्यादा भेजे जा चुके हैं (PIB, जून 2026)। नियम सख्त ज़रूर हुए हैं, पर ईमानदार किसान के लिए रास्ता अब पहले से ज़्यादा साफ है।

PM Kisan Status: 2 मिनट में जानें पैसा आया या नहीं
पहले स्टेटस सीधे आधार नंबर से दिख जाता था। अब पोर्टल पर Know Your Status में रजिस्ट्रेशन नंबर, कैप्चा और OTP से स्टेटस खुलता है। रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है तो वहीं मोबाइल या आधार से निकल आता है।
- eKYC: Yes होना चाहिए
- Land Seeding: Yes होना चाहिए
- Aadhaar Bank Seeding: Yes होना चाहिए
- किस्त की लाइन: Payment Credited + UTR
आपका ₹2,000 खाते तक कैसे पहुँचता है?
बहुत से किसान सोचते हैं कि प्रधानमंत्री बटन दबाते हैं और पैसा सीधे सबके खाते में आ जाता है। बटन तो दबता है, पर उससे पहले आपका नाम कई जगह जाँचा जाता है।
- राज्य सरकार आपका नाम, आधार और ज़मीन का रिकॉर्ड जाँचती है।
- सब ठीक हो तो राज्य RFT (पैसा भेजने का अनुरोध) पर साइन करता है।
- केंद्र सरकार FTO (भुगतान आदेश) बनाती है।
- पैसा आधार से जुड़े खाते में Credited हो जाता है, साथ में UTR नंबर आता है।
आपके स्टेटस में जो लिखा है, उसी से पता चलता है कि पैसा किस चरण तक पहुँचा। जैसे “FTO Processed” दिखे तो समझिए पैसा रास्ते में है — बस कुछ दिन रुकिए।

PM Kisan की अगली किस्त कब आएगी?
23वीं किस्त 20 जून 2026 को आ चुकी है। अब अगस्त–नवंबर 2026 की अवधि वाली 24वीं किस्त का इंतज़ार है। आधिकारिक तारीख घोषित होते ही नीचे वाला बॉक्स अपने-आप बदल जाएगा।
पूरी जानकारी: 24वीं किस्त कब आएगी
अगली किस्त कब? — अवधि अनुमान
PM-KISAN में साल को 4-4 महीने की तीन अवधियों में बाँटा गया है। आज की तारीख से टूल बताता है कि अभी कौन-सी अवधि चल रही है और उसकी किस्त जारी हुई या नहीं।
यह सिर्फ अनुमान है। अंतिम फैसला आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल और राज्य सरकार का सत्यापन ही करता है।
हाल की किस्तें
| किस्त | जारी होने की तारीख | स्थान (कार्यक्रम) | लाभार्थी किसान | कुल राशि |
|---|---|---|---|---|
| 23वीं | 20 जून 2026 | तारकेश्वर, हुगली (पश्चिम बंगाल) | 9.44 करोड़ से ज़्यादा | ₹18,880 करोड़ से ज़्यादा |
| 22वीं | 13 मार्च 2026 | गुवाहाटी (असम) | 9.32 करोड़ से ज़्यादा | ₹18,640 करोड़ से ज़्यादा |
| 21वीं | 19 नवंबर 2025 | कोयंबटूर (तमिलनाडु) | लगभग 9 करोड़ | लगभग ₹18,000 करोड़ |
| 20वीं | 2 अगस्त 2025 | वाराणसी (उत्तर प्रदेश) | लगभग 9.7 करोड़ | लगभग ₹20,500 करोड़ |
| 19वीं | 24 फ़रवरी 2025 | भागलपुर (बिहार) | लगभग 9.8 करोड़ | लगभग ₹22,000 करोड़ |
पुरानी सभी किस्तें और अपना कुल हिसाब: किस्तों की पूरी सूची और कैलकुलेटर
पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की योजना है, जो 24 फ़रवरी 2019 को शुरू हुई। इसमें खेती की ज़मीन वाले किसान परिवार को साल में ₹6,000 मिलते हैं — ₹2,000 की तीन किस्तों में, सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में।
परिवार का मतलब है पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। एक परिवार को एक ही लाभ मिलता है। इनकम टैक्स भरने वाले, सरकारी कर्मचारी (MTS/ग्रुप-D को छोड़कर), ₹10,000+ पेंशन वाले और पंजीकृत पेशेवर योजना से बाहर हैं।
अब तक 23 किस्तों में ₹4.46 लाख करोड़ से ज़्यादा किसानों तक पहुँच चुके हैं (PIB, जून 2026)।

किसे मिलता है PM Kisan, और किसे नहीं?
यह सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जाता है। सीधी बात यह है कि योजना ज़मीन वाले किसान परिवार के लिए है। परिवार का मतलब है — पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। पूरे परिवार को एक ही लाभ मिलता है।
इन्हें मिलता है
- ज़मीन नाम पर: राज्य के भू-अभिलेख (खतौनी/जमाबंदी) में खेती की ज़मीन दर्ज हो।
- तारीख: ज़मीन 1 फ़रवरी 2019 से पहले नाम पर हो। बाद में सिर्फ विरासत से आई ज़मीन मान्य है।
- छोटे सरकारी कर्मचारी: MTS, ग्रुप-D या चतुर्थ श्रेणी वाले परिवार भी ले सकते हैं।
- ज़मीन की सीमा नहीं: शुरू में 2 हेक्टेयर की सीमा थी, बाद में हटा दी गई।
इन्हें नहीं मिलता
- पिछले साल इनकम टैक्स भरने वाले परिवार।
- सरकारी, PSU या स्वायत्त संस्था के कर्मचारी और रिटायर्ड (MTS/ग्रुप-D को छोड़कर)।
- ₹10,000 या ज़्यादा मासिक पेंशन पाने वाले।
- मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर, ज़िला पंचायत अध्यक्ष (पूर्व या वर्तमान)।
- प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, CA, आर्किटेक्ट।
- संस्था, ट्रस्ट या कंपनी के नाम वाली ज़मीन।
नोट- ये नियम परिवार के किसी भी सदस्य पर लागू होते हैं। जैसे — ज़मीन पत्नी के नाम है और पति टैक्स भरते हैं, तो परिवार अपात्र माना जा सकता है। गलत जानकारी देकर लिया गया पैसा वापस करना पड़ता है।
केंद्र और राज्य — कौन क्या करता है?
बहुत से किसान हर दिक्कत के लिए दिल्ली वाली हेल्पलाइन पर फोन करते रहते हैं, जबकि आधा काम राज्य सरकार के हाथ में होता है। यह समझ लेंगे तो सही दफ़्तर तक जल्दी पहुँचेंगे।
- राज्य सरकार: आपका नाम, ज़मीन और पात्रता जाँचती है, Land Seeding करती है और आवेदन मंज़ूर या रद्द करती है।
- केंद्र सरकार: राज्य से मंज़ूर हुए नामों पर पैसा भेजती है, पोर्टल, ऐप और eKYC की व्यवस्था चलाती है।
- बैंक: आधार सीडिंग और NPCI मैपिंग करता है, ताकि पैसा सही खाते में पहुँचे।
- CSC: बायोमेट्रिक eKYC और ऑनलाइन आवेदन में मदद करता है।
नोट- ज़मीन, नाम की गलती या “Pending at State” — इनके लिए ब्लॉक/तहसील कृषि कार्यालय सबसे सही जगह है। पैसा “Credited” दिखे पर खाते में न हो, तो बैंक जाएँ।

मुफ़्त कैलकुलेटर और टूल
ये टूल आपके फोन में ही हिसाब लगाते हैं — कोई जानकारी कहीं नहीं भेजी जाती। नतीजा सिर्फ अनुमान है; अंतिम फैसला आधिकारिक पोर्टल का होता है।
किस्त और कुल राशि कैलकुलेटर
आपको पहली बार कौन-सी किस्त मिली थी, वह चुनें (स्टेटस में सबसे पुरानी किस्त का नंबर देखें)। टूल बताएगा कि तब से अब तक कितनी किस्तें जारी हुईं, कुल कितना पैसा बनता है और कितनी किस्तें छूटी हो सकती हैं।
यह सिर्फ अनुमान है। अंतिम फैसला आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल और राज्य सरकार का सत्यापन ही करता है।
पात्रता जाँच (Eligibility Checker)
9 सवालों के जवाब दें। यह योजना के संशोधित दिशानिर्देशों में दिए अपात्रता नियमों पर आधारित है।
यह सिर्फ अनुमान है। अंतिम फैसला आधिकारिक PM-KISAN पोर्टल और राज्य सरकार का सत्यापन ही करता है।
और टूल: स्टेटस डिकोडर, eKYC तरीका, दस्तावेज़ चेकलिस्ट और डेमो

eKYC: किस्त पाने की सबसे ज़रूरी शर्त
eKYC नहीं, तो किस्त नहीं। अच्छी बात यह है कि अब तीन तरीके हैं, और दो तो घर बैठे हो जाते हैं:
- OTP से: pmkisan.gov.in पर आधार और आधार-लिंक मोबाइल से — मुफ़्त।
- चेहरे से: PM-KISAN ऐप + Aadhaar Face RD ऐप — बिना OTP, बिना फिंगरप्रिंट।
- CSC पर: फिंगरप्रिंट से — आधिकारिक शुल्क ₹15।

eKYC के बाद भी पैसा नहीं आया? ये दो काम भी देखें
कई किसान eKYC करके निश्चिंत हो जाते हैं, फिर भी किस्त नहीं आती। ऐसा इसलिए, क्योंकि eKYC के अलावा दो और चीज़ें “Yes” होनी ज़रूरी हैं।
1. Land Seeding
इसका मतलब है कि राज्य ने आपकी ज़मीन का रिकॉर्ड PM Kisan से जोड़ दिया। यह काम आप ऑनलाइन खुद नहीं कर सकते। इसके लिए पटवारी/लेखपाल या ब्लॉक कृषि कार्यालय जाएँ, साथ में ताज़ा खतौनी और आधार ले जाएँ।
2. आधार-बैंक सीडिंग (NPCI)
पैसा उसी खाते में आता है जो NPCI पर आपके आधार से जुड़ा है। बैंक जाकर “आधार सीडिंग और DBT सहमति” फॉर्म भरें। बैंक दूर है तो डाकघर के India Post Payments Bank में आधार से खाता खुलवाना भी आसान रास्ता है।
नोट- दो बैंक खाते हैं तो पैसा उस खाते में जाता है जो सबसे बाद में आधार से जुड़ा। इसलिए पासबुक दोनों खातों की देखें।
किस्त क्यों रुकती है? सबसे आम कारण
| स्टेटस में | मतलब | हल |
|---|---|---|
| eKYC: No | आधार सत्यापन अधूरा | eKYC करें |
| Land Seeding: No | ज़मीन रिकॉर्ड नहीं जुड़ा | लैंड सीडिंग |
| Payment Failed | खाता आधार/NPCI से मैप नहीं | बैंक सीडिंग |
| Withheld | फिज़िकल वेरिफिकेशन बाकी | पति-पत्नी नियम |
| Ineligible | अपात्र श्रेणी | पात्रता / रिफंड |
हर कारण विस्तार से: PM Kisan का पैसा नहीं आया — 9 कारण और हल
पहली बार आवेदन कर रहे हैं? ऐसे करें
अगर अब तक PM Kisan नहीं मिला और ज़मीन आपके नाम है, तो आप खुद मोबाइल से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन बिल्कुल मुफ़्त है।
- pmkisan.gov.in पर New Farmer Registration खोलें।
- गाँव की ज़मीन हो तो Rural, शहर की हो तो Urban चुनें।
- आधार, आधार से जुड़ा मोबाइल और राज्य भरें, फिर OTP डालें।
- नाम (आधार जैसा), बैंक खाता, IFSC और ज़मीन का खसरा/खाता नंबर भरें।
- ज़मीन के कागज़ अपलोड करके Submit करें और रजिस्ट्रेशन नंबर लिख लें।
इसके बाद आपका आवेदन ब्लॉक, ज़िला और राज्य स्तर पर जाँचा जाता है। मंज़ूरी में कुछ हफ़्ते से कुछ महीने लग सकते हैं। कई राज्यों में अब Farmer ID भी माँगी जा रही है, इसलिए पहले वह बनवा लें।


नए नियम: पति-पत्नी, 2019 के बाद की ज़मीन और जाँच
पहले कई परिवारों में पति और पत्नी दोनों अलग-अलग PM Kisan ले रहे थे। अब सरकार ऐसे मामलों की जाँच कर रही है। आधिकारिक पोर्टल पर साफ लिखा है कि दो तरह के मामलों में भुगतान फिज़िकल वेरिफिकेशन तक रोका जा सकता है:
- 01-02-2019 के बाद ज़मीन मिली हो (विरासत को छोड़कर)।
- परिवार में एक से ज़्यादा लाभार्थी — जैसे पति-पत्नी दोनों, या बालिग के साथ नाबालिग।
अगर आपके स्टेटस में “withheld” या जाँच जैसा कुछ लिखा है, तो घबराएँ नहीं। ज़मीन के कागज़, विरासत/नामांतरण आदेश और परिवार की जानकारी तैयार रखें और गाँव/ब्लॉक में होने वाली जाँच में दिखाएँ।
किस्त वाले दिन क्या करें — छोटी-सी चेकलिस्ट
जिस दिन सरकार किस्त जारी करती है, उस दिन पोर्टल पर बहुत भीड़ होती है। इसलिए जल्दबाज़ी न करें। यह तरीका अपनाएँ:
- पहले बैंक का SMS या पासबुक देखें — “PM KISAN” नाम से एंट्री होती है।
- SMS न आए तो 1–2 दिन रुकें, फिर स्टेटस खोलें।
- स्टेटस में अपनी किस्त की लाइन देखें — Credited, FTO या कोई कारण।
- कोई कारण लिखा है तो उसी का हल करें (eKYC, Land Seeding, बैंक)।
- UTR नंबर लिखा है पर पैसा नहीं दिखा, तो वह नंबर लेकर बैंक जाएँ।
- 15 दिन बाद भी कुछ न बदले तो हेल्पलाइन या Help Desk पर शिकायत करें।
टिप- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर किसी डायरी में लिखकर रखें। हर बार स्टेटस देखने में यही सबसे ज़्यादा काम आता है।
महिला किसानों के लिए ज़रूरी बात
23वीं किस्त में 2.18 करोड़ से ज़्यादा महिला किसानों को पैसा मिला (PIB)। अगर ज़मीन आपके नाम पर है, तो आप खुद आवेदन कर सकती हैं — इसके लिए पति या बेटे के नाम की ज़रूरत नहीं।
बस इतना ध्यान रखें कि पति और पत्नी दोनों एक साथ लाभ नहीं ले सकते। अगर पति पहले से ले रहे हैं, तो परिवार में एक ही नाम रहेगा।
CSC पर जाने से पहले
CSC पर eKYC का आधिकारिक शुल्क सिर्फ ₹15 है। जाने से पहले आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल, बैंक पासबुक और अपना रजिस्ट्रेशन नंबर साथ रखें।
काम होने के बाद रसीद ज़रूर लें। कोई “रुकी किस्त निकलवा दूँगा” कहकर ज़्यादा पैसा माँगे, तो मना कर दें — ऐसा कोई तरीका नहीं होता।
बुज़ुर्ग किसानों के लिए
उम्र के साथ उँगलियों के निशान घिस जाते हैं, इसलिए CSC पर फिंगरप्रिंट वाला eKYC बार-बार फेल होता है। ऐसे में घर का कोई सदस्य अपने Android फोन से चेहरा स्कैन वाला eKYC करा दे — इसमें न OTP चाहिए, न फिंगरप्रिंट।
हमारे सभी लेख, एक जगह
नीचे विषय के हिसाब से सारे लेख दिए हैं। जो सवाल मन में है, उससे जुड़ा लेख खोलिए।
स्टेटस और लिस्ट
किस्त अपडेट
eKYC और सुधार
पंजीकरण और पात्रता
सावधान: फ़र्ज़ी कॉल और लिंक से बचें
- कोई भी असली अधिकारी फोन पर OTP, ATM PIN या UPI PIN नहीं माँगता।
- “₹4,000 आएँगे, इस लिंक पर नाम चेक करें” जैसे मैसेज ज़्यादातर फ़र्ज़ी होते हैं।
- सरकारी वेबसाइट .gov.in पर ख़त्म होती है — pmkisan.gov.in।
- ठगी हो तो तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।
PM-KISAN की आधिकारिक हेल्पलाइन
- टोल-फ्री: 1800-11-5526
- हेल्पलाइन: 155261 · 011-24300606
- ईमेल: [email protected]
नोट- नंबर समय-समय पर बदल सकते हैं। कॉल से पहले pmkisan.gov.in के Help Desk / Contact पेज पर एक बार जाँच लें। कोई भी अधिकारी फोन पर OTP या बैंक PIN नहीं माँगता।
PM Kisan से जुड़ी दूसरी ज़रूरी बातें
₹6,000 से ₹12,000 होगा?
हर बजट से पहले यह खबर उड़ती है। अगस्त 2025 में संसद में सरकार ने कहा था कि राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। अभी तक राशि ₹6,000 सालाना ही है।
किसान मानधन पेंशन
18 से 40 साल के छोटे किसान हर महीने ₹55 से ₹200 तक जमा करके 60 साल के बाद ₹3,000 महीना पेंशन पा सकते हैं। सरकार भी उतना ही पैसा जोड़ती है।
हेल्पलाइन और शिकायत
PM Kisan हेल्पलाइन 155261 और टोल-फ्री 1800-11-5526 है। ईमेल [email protected] है। ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के Help Desk से होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PM Kisan में साल में कितना पैसा मिलता है?
₹6,000 सालाना, जो ₹2,000 की तीन किस्तों में सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है।
PM Kisan की 24वीं किस्त कब आएगी?
आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। यह अगस्त–नवंबर 2026 की अवधि की किस्त है। तारीख घोषित होते ही हम इस लेख में अपडेट करेंगे।
23वीं किस्त कब आई थी?
20 जून 2026 को, पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से। 9.44 करोड़ से ज़्यादा किसानों को पैसा भेजा गया।
PM Kisan Status कैसे चेक करें?
pmkisan.gov.in → Know Your Status → रजिस्ट्रेशन नंबर → कैप्चा → OTP। पूरा तरीका
रजिस्ट्रेशन नंबर भूल गए तो?
Know Your Status पेज पर ही “Know your registration no.” लिंक है। मोबाइल या आधार डालकर OTP से नंबर मिल जाता है।
eKYC कहाँ से करें?
OTP से pmkisan.gov.in पर, चेहरे से PM-KISAN ऐप में, या CSC पर फिंगरप्रिंट से (शुल्क ₹15)।
सबको पैसा आया, मुझे क्यों नहीं?
हर किसान का रिकॉर्ड अलग जाँचा जाता है। आपके स्टेटस में जो “No” या कारण लिखा है, वही वजह है। 9 कारण और हल
क्या पति और पत्नी दोनों को PM Kisan मिल सकता है?
नहीं। पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे एक परिवार हैं और परिवार को एक ही लाभ मिलता है।
रुकी हुई किस्तें बाद में मिलती हैं?
अगर आप पात्र हैं और कमी दूर हो जाए, तो रुका भुगतान बाद में भेजा जा सकता है। पर इसकी कोई तय तारीख या गारंटी नहीं होती।
किराये पर खेती करने वाले को मिलता है?
नहीं। योजना उन्हीं के लिए है जिनके नाम भू-अभिलेख में ज़मीन दर्ज है।
PM Kisan हेल्पलाइन नंबर क्या है?
155261, टोल-फ्री 1800-11-5526 और 011-24300606; ईमेल [email protected]।
क्या यह सरकारी वेबसाइट है?
नहीं। यह एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है। हम आधार, OTP या बैंक जानकारी नहीं माँगते। असली काम सिर्फ pmkisan.gov.in पर होता है।
यह वेबसाइट किसके लिए है?
यह वेबसाइट उन किसान भाइयों-बहनों के लिए है जो मोबाइल पर PM Kisan का काम खुद करना चाहते हैं, पर पोर्टल की अंग्रेज़ी और तकनीकी शब्दों में उलझ जाते हैं। हम हर जानकारी आधिकारिक पोर्टल, PIB प्रेस रिलीज़ और योजना के दिशानिर्देशों से मिलाकर लिखते हैं, और हर लेख में स्रोत देते हैं।
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